नेपाल में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से तिब्बत सीमा के पास रसुवा क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
इस घटना में लगभग 500 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 100 से अधिक भारतीय शामिल हैं।
यह सब बुधवार, 26 अगस्त 2026 की सुबह कुछ ही मिनटों में हुआ। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अब तक 46 शव बरामद किए गए हैं, जबकि कम से कम 93 लोगों को विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों से बचाया गया है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के अनुसार, लापता लोगों में विदेशी पर्यटक और नेपाली नागरिक शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 एनआरआई हैं, जिनमें से अधिकांश कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत जा रहे थे।
लापता विदेशी नागरिकों में यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड्स के लोग शामिल हैं।
बाढ़ reportedly सुबह लगभग 9 बजे भोटे कोशी नदी में आई और रसुवा व धादिंग जिलों को प्रभावित किया।
इसके बाद यह धादिंग, नुवाकोट और चितवन जिलों तक फैल गई, जिससे कम से कम चार स्थायी पुल और कुछ अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह बाढ़ एक भूकंप से उत्पन्न हिमस्खलन के कारण हुई, जिसमें पिघली हुई बर्फ नदी में बह गई।
भोटे कोशी नदी में आई इस बाढ़ ने रसुवा क्षेत्र में भारी व्यवधान पैदा किया है और पर्यटकों व अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न की है।
अधिकारी और बचाव एजेंसियां लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं और लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों और उनके परिवारों के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1234
- हॉटलाइन: 1144
- टूरिस्ट पुलिस नंबर: 9851289445
पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों से शांत रहने, आधिकारिक चैनलों से जानकारी प्राप्त करने और अधिकारियों द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
स्थिति को देखते हुए, नेपाली प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने प्रभावित क्षेत्रों के संघीय सांसदों से परामर्श किया। चर्चा का केंद्र बाढ़ से हुए नुकसान, तटीय बस्तियों की स्थिति और बचाव व राहत प्रयासों पर रहा।
दिन में पहले, बलेंद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन परिषद की बैठक बुलाई थी, जिसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और बचाव, खोज व राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
शाम तक प्राप्त अंतिम रिपोर्टों के अनुसार, खोज और बचाव अभियान जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।
भारत ने नेपाल की मदद के लिए 10 टन मानवीय सहायता, आपदा राहत सामग्री और आवश्यक दवाइयाँ भेजी हैं।







