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यूक्रेन में युद्धबंदी भारतीय को काउंसलर एक्सेस मिली

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विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को पुष्टि की कि यूक्रेन में युद्धबंदी (POW) के रूप में रखे गए एक भारतीय नागरिक तक भारतीय राजनयिकों को काउंसलर एक्सेस (Consular Access) प्रदान कर दी गई है।

इसी के साथ मंत्रालय ने अगले सप्ताह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के जी-20, क्वाड और राष्ट्रमंडल शिखर बैठकों से जुड़े कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।

द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जयशंकर जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे और विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

अमेरिका यात्रा के बाद जयशंकर सेंट जॉन्स (एंटीगुआ और बारबुडा) जाएंगे, जहां वह 1 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाली कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (CHOGM) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

इस वर्ष शिखर सम्मेलन का विषय है – “समृद्ध राष्ट्रमंडल के लिए साझेदारियों और निवेश को गति देना”।

पेरिस में चल रही फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठकों से संबंधित सवालों के जवाब में जायसवाल ने आतंकवाद और आतंक वित्तपोषण के खिलाफ भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराया।

उन्होंने कहा, “भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमा-पार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों को पराजित करने के लिए अपने प्रयास और तेज करने होंगे।

भारत की ऊर्जा खरीद रणनीति पर बोलते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ऊर्जा आयात से जुड़े निर्णय राष्ट्रीय हित और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा खरीदने वाली कंपनियां बाजार की परिस्थितियों, व्यावसायिक व्यवहार्यता और उस समय की वैश्विक स्थिति का आकलन करने के बाद फैसले करती हैं।

जायसवाल ने बताया कि भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सभी सदस्य देशों, संवाद साझेदार देशों और एक पर्यवेक्षक देश को एससीओ सिविलाइज़ेशनल डायलॉग फोरम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।

यह सम्मेलन 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चिंता व्यक्त करते हुए जायसवाल ने कहा कि अब तक 22 भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो चुकी है, जिनमें 14 नाविक (सीफेयरर्स) शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय के संपर्क में लगातार बनी हुई है ताकि उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित की जा सके।

विदेश मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि मौजूदा क्षेत्रीय संकट के दौरान सऊदी अरब में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी है और इस क्षेत्र में कई पहलें जारी हैं।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली इन संबंधों को और मजबूत करने की इच्छुक है, खासकर भारत-जापान आर्थिक और प्रौद्योगिकी साझेदारी के व्यापक ढांचे के तहत।

यूक्रेन में युद्धबंदी भारतीय पर न्यूज़गेट का सवाल

न्यूज़गेट द्वारा यूक्रेन में युद्धबंदी (POW) के रूप में रखे गए एक भारतीय नागरिक के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में जायसवाल ने कहा कि भारतीय राजनयिकों को संबंधित व्यक्ति तक काउंसलर एक्सेस प्रदान कर दी गई है।

प्रवक्ता ने संकेत दिया कि भारत सरकार इस मामले में राजनयिक माध्यमों से लगातार संपर्क बनाए हुए है और संबंधित भारतीय नागरिक को आवश्यक काउंसलर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।