Home भारत दक्षिणी भारत संसद ने ‘केरल’ का नाम बदल कर ‘केरलम’ को दी मंज़ूरी

संसद ने ‘केरल’ का नाम बदल कर ‘केरलम’ को दी मंज़ूरी

https://hindi.newsgate.press/

संसद ने ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाले विधेयक को दी मंज़ूरी

संसद ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने इसे बुधवार, 12 अगस्त 2026 को मंज़ूरी दी, जबकि लोकसभा ने इसे पहले ही मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पारित कर दिया था।

यह विधेयक संविधान की प्रथम अनुसूची में राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम करने का प्रावधान करता है।

विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि केरल विधानसभा ने वर्ष 2024 में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम करने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि यह मांग इसलिए की गई क्योंकि मलयालम भाषा में राज्य का नाम केरलम है, जबकि संविधान में इसे केरल लिखा गया है।

मंत्री ने कहा कि इस वर्ष फरवरी में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य का नाम बदलकर केरलम करने और इसके लिए आवश्यक संशोधन विधेयक लाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी।

चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के तरुण चुग ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य केरल से केरलम नाम में बदलाव कर गुलामी के चिन्हों को मिटाना और गौरव को पुनर्स्थापित करना है। शिवसेना की ज्योति वाघमारे ने कहा कि नाम किसी व्यक्ति या स्थान की पहली पहचान होता है और केरल को केरलम करना मलयालम भाषा का सम्मान है।

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि इस विधेयक का पारित होना दुनिया भर के चार करोड़ से अधिक मलयालियों के लिए उत्सव का क्षण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और माकपा (CPI-M) सदस्यों की मौजूदगी में लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा नहीं होने दी गई।

भाजपा के समिक भट्टाचार्य ने सरकार से पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर पश्चिम बांगो करने की मांग की। आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा ने पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने की मांग की।

डीएमके के तिरुची शिवा, टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन, आप के संजय सिंह ने भी केरल का नाम बदलकर केरलम करने का समर्थन किया।

चर्चा में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, यूपीपी (एल) के रोंग्वरा नारज़री, माकपा के ए ए रहीम, सीपीआई के संदोष कुमार पी, आईयूएमएल के हैरिस बीरन, केसी (एम) के जोसे के मणि, बीजेडी के सुभाषिस खुंटिया सहित अन्य सदस्य भी शामिल हुए।