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पहला डिजिटल केन्‍द्रीय बजट पेश

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The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Smt. Nirmala Sitharaman along with the Minister of State for Finance and Corporate Affairs, Shri Anurag Singh Thakur arrives at Parliament House to present the General Budget 2021-22, in New Delhi on February 01, 2021.

न्यूज़गेट प्रैस नेटवर्क 

विनीत दीक्षित

पहला डिजिटल केन्‍द्रीय बजट पेश करते हुए केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई 2021 में जारी है और कोविड के बाद जब दुनिया में राजनैतिक, आर्थिक, और रणनीतिक संबंध बदल रहे हैं, इतिहास का यह क्षण, नये युग का सवेरा है-ऐसा युग जिसमें भारत वायदों और उम्‍मीदों की धरती के रूप में उभरा।

केन्‍द्रीय बजट 2021-22 की मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं :

 

  • बजट में वित्त वर्ष 2021-22 में स्‍वास्‍थ्‍य और खुशहाली में 2,23,846 करोड़ रुपये का व्‍यय रखा गया है जबकि 2020-21 में यह 94,452 करोड़ रुपये था। यह 137 प्रतिशत की वृद्धि है।
  • वर्ष 2021-22 में कोविड-19 टीके के लिए 35,000 करोड़ रुपये
  • सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय को 1,81,101 लाख करोड़ रूपये का अब तक का सर्वाधिक आवंटन—जिसमें से 1,08,230 करोड़ रूपये पूंजी जुटाने के लिए
  • 5,35 लाख करोड़ रूपये की भारतमाला परियोजना के तहत 3.3 लाख करोड़ रूपये की लागत से 13,000 किमी लंबी सड़कों का निर्माण शुरू
  • 3,800 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण हो चुका है।
  • मार्च, 2022 तक 8,500 किलोमीटर लम्बी सड़के और बनाई जाएगी।
      • रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है, जिसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये पूंजीगत व्‍यय के लिए।
      • बीमा कंपनियों में स्‍वीकार्य एफडीआई सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करना और विदेशी स्‍वामित्‍व और नियंत्रण से सुरक्षा को बढ़ाना।
      • उज्‍ज्‍वला योजना का विस्‍तार कर इसमें 1 करोड़ और लाभार्थियों को शामिल किया जायेगा।
      • अगले तीन वर्ष में 100 अन्‍य जिलों को सिटी गैस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन नेटवर्क से जोड़ा जायेगा।
      • लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) कानून 2008 को अपराध मुक्‍त बनाया जायेगा।
      • सस्‍ते घर खरीदने के लिए मिलने वाले ऋण के ब्‍याज में 1.5 लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया जाएगा
      • वायु प्रदूषण की समस्‍या से निपटने के लिए 10 लाख से अधिक जनसंख्‍या वाले 42 शहरी केन्‍द्रों के लिए 2,217 करोड़ रुपये की राशि मुहैया कराना
      • पुराने और अनुपयुक्‍त वाहनों को हटाने के लिए एक स्‍वैच्छिक वाहन स्‍क्रैपिंग नीत
      • ऑटोमोटिड फिटनेस सेंटर में फिटनेस जांच:
      • निजी वाहनों के मामले में 20 वर्ष के बाद
      • वाणिज्यिक वाहनों के मामलें में 15 वर्ष बाद
      • पूंजीगत व्‍यय की अच्‍छी प्रगति को देखते हुए परियोजनाओं/कार्यक्रमों/विभागों के लिए प्रदान किए जाने वाले आर्थिक कार्य विभाग के बजट में 44,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है।वर्ष 2021-22 के लिए पूंजीगत व्‍यय में तेज वृद्धि कर 5.54 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जो 2020-21 में आवंटित 4.12 लाख करोड़ रुपये से 34.5 प्रतिशत अधिक है :
      • राज्‍यों और स्‍वायत्तशासी संगठनों को उनके पूंजीगत व्‍यय के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि
      • देश में इस समय करीब 702 किलोमीटर पारम्‍परिक मेट्रो ट्रेनें चल रही हैं और 27 शहरों में 1,016 किलोमीटर लम्‍बी मेट्रो तथा आरआरटीएस लाइनों का निर्माण किया जा रहा है।
      • सरकार ‘मेट्रो लाइट’ और ‘मेट्रो नियो’ – दो नई प्रौद्योगिकियां लागू कर आम लोगों को काफी कम कीमत पर और पहले जैसा अनुभव देने वाली मेट्रो रेल प्रणाली देना चाहती है। यह प्रणाली टियर-2 और टियर-1 शहरों के आस-पास बसे इलाकों में आसान और सुरक्षित आवागमन की व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करेगी।
      •  चार लेन और छह लेन के सभी नए राजमार्गों में उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जाएगी15,000 से अधिक विद्यालयों में गुणवत्ता की दृष्टि से सुधार किया जाएगा ताकि वहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी घटकों का अऩुपालन हो सके। वह अपने-अपने क्षेत्र में एक उदाहरणपरक विद्यालय के रुप में उभर कर आएंगे और अन्य विद्यालयों को भी सहारा देंगे।
      • गैर-सरकारी संगठनों / निजी स्लूकों / राज्यों के साथ भागीदारी में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे।
      • भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग गठित करने को लेकर इस वर्ष विधान पेश किया जाएगा। यह एक छत्रक निकाय होगा जिसमें निर्धारण, प्रत्यायन, विनियमन, और फंडिग के लिए चार अलग-अलग घटक होंगे।सभी सरकारी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा कई शहरों में छत्रक संरचनाओँ की स्थापना की जाएगी, जिससे बेहतर समन्वय हो सके।

        इस उद्देश्य के लिए एक ग्लू ग्रांट अलग से रखा जाएगा।

        लद्दाख में उच्च शिक्षा तक पहुंच बनाने के लिए लेह में केन्द्रीय विश्व विद्यालय स्थापना की जाएगी।