भारत ने जम्मू-कश्मीर पर तथाकथित ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के संपर्क समूह द्वारा जारी संयुक्त विज्ञप्ति में भारत के संबंध में की गई टिप्पणियों को “अनुचित और तथ्यात्मक रूप से गलत” बताते हुए सख्ती से खारिज कर दिया है।
23 सितंबर 2026, बुधवार को जारी एक बयान में विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारत के पूर्णतः आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का OIC को कोई अधिकार या वैधानिक आधार नहीं है।
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। मंत्रालय ने कहा कि राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित दुष्प्रचार को बार-बार दोहराने से यह वास्तविकता नहीं बदली जा सकती।
मंत्रालय ने कहा, “इस तरह के पक्षपातपूर्ण और प्रेरित आख्यानों का लगातार समर्थन OIC की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।”
भारत ने पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर “मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार” फैलाने के लिए मंच उपलब्ध कराने को लेकर भी OIC की आलोचना की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के रुख को दोहराने के बजाय OIC को इस्लामाबाद को आत्ममंथन करने और आतंकवाद को समर्थन तथा प्रायोजन देने के उसके व्यापक रूप से दर्ज रिकॉर्ड पर ध्यान देने की सलाह देनी चाहिए।
MEA ने आगे कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश करने के बजाय अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से उत्पन्न हो रहे आतंकवाद के लगातार बने हुए खतरे से निपटने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।







