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अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों की भारत ने कड़ी निंदा की

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भारत ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं।

22 सितंबर 2026 को आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि किसी संप्रभु पड़ोसी देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को कमजोर करती है।

उन्होंने अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत के अटूट समर्थन को दोहराया। साथ ही अफगान जनता के कल्याण और समृद्धि के प्रति भी भारत की प्रतिबद्धता जताई।

हवाई हमलों में नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए जायसवाल ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएँ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हैं, जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को अपने दावों को ठोस कार्रवाई और आतंकवाद के खिलाफ वास्तविक प्रतिबद्धता के जरिए साबित करना होगा।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास हासिल करने के लिए इस्लामाबाद को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और प्रभावी कदम उठाने होंगे।

सिंधु जल संधि से जुड़े हालिया मध्यस्थता न्यायाधिकरण (कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन) के फैसले पर भारत ने कहा कि पाकिस्तान जिस निर्णय को स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (Permanent Court of Arbitration) का फैसला बताने का प्रयास कर रहा है, वह वास्तव में एक अवैध रूप से गठित न्यायाधिकरण का निर्णय है।

जायसवाल ने कहा कि भारत इसे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की पाकिस्तान की एक और कोशिश के रूप में देखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपने दुष्प्रचार को आगे बढ़ाने के लिए तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत करने और झूठे नैरेटिव फैलाने का पुराना इतिहास रखता है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को अपने यूक्रेनी समकक्ष से मुलाकात की।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की। जायसवाल ने बताया कि डॉ. जयशंकर ने एक बार फिर भारत का यह रुख दोहराया कि संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का एकमात्र रास्ता संवाद और कूटनीति है।

प्रवक्ता ने कहा कि भारत दोनों पक्षों के संपर्क में बना हुआ है और शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने में हरसंभव योगदान देने की अपनी इच्छा से उन्हें अवगत करा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंततः यह संघर्ष बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से सुलझेगा।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने वाला संबंध चाहता है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली स्थापित कूटनीतिक तंत्रों के माध्यम से सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।