राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों के निरंतर हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों में मानसून सत्र के पहले सप्ताह एक विधेयक के पेश किये जाने के अलावा कोई कामकाज नहीं हो सका।
सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को अपराह्न दो बजे राज्य सभा में विपक्ष के शोर शराबे के बीच ही वंदे मातरम् से संबंधित ‘राष्ट्र गौरव अपमान निवारण संशोधन विधेयक 2026’ रखा गया और उसके तुरंत बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।
लोक सभा में तो पूरे सप्ताह कोई कामकाज नहीं हो सका।
सोमवार से शुरू इस सत्र में पहले दिन से ही विपक्षी दलों के सदस्य पेपर लीक मामले को उठाते हुए इसके लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा कराने की मांग को लेकर दोनों सदनों में हंगामा करते रहे।
सरकार की ओर से बिना शर्त चर्चा का प्रस्ताव किया गया लेकिन मुख्य रूप से कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल इस पर राजी हुए ।
उनकी मांग थी कि पहले मंत्री इस्तीफा दें , इसके बाद चर्चा करायी जाए। इस गतिरोध के कारण काेई काम काज नहीं हो सका।
लोक सभा में शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे प्रश्न काल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य पेपर लीक मुद्दे पर हंगामा करने लगे जिससे अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
कार्यवाही दुबारा शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने फिर शोरगुल शुरू कर दिया।
इस पर पीठासीन जग्दम्बिका पाल ने कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
राज्य सभा में इसी मुद्दे पर दिन में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर उप सभापति हरिवंश ने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को वंदे मातरम् विधेयक पेश करने के लिए पुकारा।
इसका विरोध करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह संविधान के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गान और राष्ट्रीय गीत दोनों को समान संवैधानिक दर्जा हासिल नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समाज में ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि किसी विधेयक के माध्यम से राष्ट्रीयता और देशभक्ति पैदा नहीं की जा सकती।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी. ने सरकार पर विधेयक लाकर पेपर लीक मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया ।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् सभी भारतीयों को एक जुट करता, इसे विभाजन के औजार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री राय ने उप सभापति की अनुमति से विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा।
सदन ने विपक्ष की आपत्तियों को ध्वनिमत से खारिज कर विधेयक रखे जाने को मंजूरी दे दी।
इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा तेज कर दिया।
उप सभापति ने सदन में हंगामा बढ़ता देश सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।







