प्राकृतिक कारणों से फसल का नुक्सान होने पर किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा दिल्ली सरकार ने बढ़ा दिया है।
दिल्ली कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि इससे राजधानी के करीब दस हजार किसानों को फायदा होगा।
असल में पिछले साल अगस्त-सितंबर में हुई भारी बारिश और जलभराव से जिन किसानों की फसलों पर असर पड़ा उन्हें 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
ध्यान रहे, इस अवधि में लगातार हुई बारिश के कारण दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में बहुत से खेतों में पानी भर गया था। हजारों किसानों को इसका नुक्सान झेलना पड़ा।
बताया जाता है कि तब लगभग साढ़े चार हजार हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुक्सान पहुंचा।
इस सिलसिले में दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने जो सर्वे किया उसमें कई जगह 100 फीसदी तक फसल नुकसान पाया गया।
इसीलिए प्रभावित किसानों को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने का फैसला किया गया।
पिछले ग्यारह सालों से फसल नुकसान पर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ यानी लगभग 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से यह सहायता दी जा रही थी।
मगर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि इस बीच खेती की लागत काफी बढ़ गई है। इसलिए सहायता राशि बढ़ा कर 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर करने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री का कहना था कि प्रभावित किसानों को बढ़ी हुई सहायता राशि जल्दी दी जाएगी। यह सहायता राशि करीब 33.32 करोड़ रुपये होगी। लेकिन यह केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जो रिकॉर्ड में संबंधित जमीन के मालिक के तौर पर दर्ज़ हैं।
अगर जमीन किसी कंपनी की मिल्कियत है तो उसे यह सहायता नहीं मिलेगी। इसी प्रकार ग्राम सभा की जमीन और पक्की चारदीवारी वाले फार्महाउस इस योजना से बाहर रखे गए हैं।







